ट्रंप ने H-1B वीजा पर $1 लाख की फीस एक और साल बढ़ाई, भारतीयों पर क्या पड़ेगा असर

ट्रंप ने H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर फीस बढ़ाई

 

अमेरिका में नौकरी करने का सपना देखने वाले लाखों भारतीयों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने H-1B Visa से जुड़े एक महत्वपूर्ण नियम को एक और साल के लिए बढ़ा दिया है। इसके तहत कुछ नए H-1B Visa आवेदनों पर कंपनियो को 1 लाख डॉलर लगभग 85 लाख रुपये की अतिरिक्त फीस देनी होगी।

इस फैसले का सबसे ज्यादा असर H-1B Visa पर निर्भर भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स इंजीनियरों और अमेरिका में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं पर पड़ सकता है। आइए आसान हिंदी में समझते हैं कि पूरा मामला क्या है।


क्या है H-1B Visa पर 1 लाख डॉलर की अतिरिक्त फीस 

सितंबर 2025 में अमेरिकी प्रशासन ने एक विशेष नियम लागू किया था इसके तहत कुछ नए                            H-1B Visa आवेदनों पर नियोक्ता कंपनियों को 1 लाख डॉलर की अतिरिक्त फीस देनी पड़ती है। अब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने इस नियम को 21 सितंबर 2027 तक बढ़ाने का फैसला किया है।

यह अतिरिक्त शुल्क केवल उन कर्मचारियों पर लागू होता है जो पहली बार अमेरिका के बाहर से H-1B Visa    पर अमेरिका जाना चाहते हैं। अमेरिका में पहले से मौजूद कर्मचारियों, छात्रों या वीजा रिन्यूअल पर यह अतिरिक्त फीस लागू नहीं होती।

व्हाइट हाउस का कहना है कि इस फैसले के बाद बड़ी आईटी आउटसोर्सिंग कंपनियों के H-1B Visa रजिस्ट्रेशन में लगभग 92 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। प्रशासन का मानना है कि इससे अमेरिकी नागरिकों के लिए रोजगार के अवसर सुरक्षित रखने में मदद मिली है।

ट्रंप ने यह फैसला क्यों लिया और भारतीयों पर इसका क्या असर होगा

H-1B वीजा 1 लाख डॉलर फीस क्या है

भारत H-1B Visa पाने वाला सबसे बड़ा देश है। हर साल लगभग 70 से 71 प्रतिशत स्वीकृत H-1B Visa भारतीय पेशेवरों को मिलते हैं। ऐसे में इस फैसले का सबसे अधिक असर भारतीय आईटी सेक्टर पर पड़ सकता है।

1 लाख डॉलर की अतिरिक्त फीस के कारण कई अमेरिकी कंपनियां भारत से नए कर्मचारियों को अमेरिका भेजने में हिचकिचा सकती हैं। खासकर छोटी और मध्यम कंपनियों के लिए यह खर्च काफी अधिक माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विदेश में भर्ती महंगी होती है तो कई कंपनियां भारत में ही अपने Global Capability Centers  GCC का विस्तार कर सकती हैं। इससे भारत में रोजगार के नए अवसर भी बढ़ सकते हैं।


      क्या इस फैसले पर कानूनी विवाद भी चल रहा है?

  
भारतीयों पर H-1B फीस का असर


इस अतिरिक्त फीस को लेकर कानूनी लड़ाई अभी भी जारी है। एक फेडरल कोर्ट ने पहले इस नियम पर सवाल उठाए थे, लेकिन अमेरिकी प्रशासन ने इसके खिलाफ अपील कर दी है। इसलिए इस मामले में अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।

यदि आप भविष्य में H-1B Visa के जरिए अमेरिका में नौकरी करना चाहते हैं तो इस नियम से जुड़े सभी नए अपडेट पर नजर रखना जरूरी है। साथ ही भारत में तेजी से बढ़ रहे आईटी सेक्टर में भी अच्छे अवसर उपलब्ध हैं, इसलिए अन्य विकल्पों पर भी ध्यान देना समझदारी होगी।

        

आने वाले समय में क्या बदल सकता है

H-1B वीजा नियम 2026 अपडेट

अदालत के अंतिम फैसले और अमेरिकी सरकार की अगली नीति पर अब सभी की नजर बनी हुई है। यदि भविष्य में इस नियम में बदलाव होता है तो उसका सीधा असर भारतीय प्रोफेशनल्स और कंपनियों पर भी पड़ सकता है।

निष्कर्ष

H-1B Visa पर 1 लाख डॉलर की अतिरिक्त फीस को 2027 तक बढ़ाने का फैसला भारतीय युवाओं और आईटी प्रोफेशनल्स के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। आने वाले समय में अदालत का फैसला और अमेरिकी सरकार की अगली नीति तय करेगी कि इस नियम में आगे कोई बदलाव होगा या नहीं।

ट्रंप H-1B वीजा नीति भारतीय प्रोफेशनल्स

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FAQ

प्रश्न: क्या हर H-1B Visa आवेदन पर 1 लाख डॉलर की फीस लगेगी?

उत्तर: नहीं। यह केवल कुछ नए H-1B Visa आवेदनों पर लागू होती है जो अमेरिका के बाहर से किए जाते हैं।

प्रश्न: यह नियम कब तक लागू रहेगा?

उत्तर: इसे 21 सितंबर 2027 तक बढ़ा दिया गया है।

प्रश्न: भारतीयों पर इसका सबसे ज्यादा असर क्यों पड़ेगा?

उत्तर: क्योंकि H-1B Visa पाने वालों में सबसे बड़ी संख्या भारतीय पेशेवरों की होती है।

प्रश्न: क्या यह मामला अभी कोर्ट में है?

उत्तर: हाँ। इस नियम को अदालत में चुनौती दी गई है और अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।

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